विषम: मोदी - Couverture souple

अंकित बागड़ी

 
9781685631154: विषम: मोदी

Synopsis

समकालीन भारतीय राजनीतिक परिदृश्य के रहस्यमय व्यक्तित्वों में से एक, नरेंद्र मोदी को अनदेखा किया जाना मुश्किल है। विषम नरेंद्र मोदी के मानस के अज्ञात पहलुओं को उजागर करेगी: एक आर-एस-एस प्रचारक के तौर पर उनकी साधारण-सी शुरुआत से हिन्दुत्व के ऊंचे कद तक के उनके उत्थान एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख योजनाकार से पार्टी के सर्वाधिक लोकप्रिय एवं विवादास्पद मुख्य मंत्रियों में से एक, मोदी का परिवर्तन और विकास का मंत्र धीरे-धीरे कई लोगों के मस्तिष्क में उतर रहा है। मोदी के गुजराती गौरव और भारतीय रास के विचार और अंत में, उनकी  तेजोमय उन्नति ने उन्हें 2002 के गोधरा दंगों के बाद एक अलग पहचान दी। एक सौ तीस करोड़ नागरिकों की महान् विरासत वाले भारत की जर्जर हालत से त्रस्त आमजन परिवर्तन की ललक में सिर्फ एक व्यक्तित्व पर टकटकी लगाए हुए हैं। एक मामूली किसान से लेकर उद्योगपति और विद्यार्थियों सहित लाखों लोग उनसे प्रभावित हुए हैं तथा भ्रष्टाचार-मुक्त, महँगाई-मुक्त, समर्थ तथा सुदृढ़ भारत के निर्माण के उनके अभियान में शामिल हुए हैं। मोदी ने खुद को एक विकास-पुरुष सिद्ध किया है। विरासत या भाग्य की बदौलत मिली सत्ता के कारण नहीं, बल्कि अनगिनत संकटों और संघर्षों के बीच विकास करके उन्होंने आज लाखों लोगों का दिल जीत लिया है। 

Les informations fournies dans la section « Synopsis » peuvent faire référence à une autre édition de ce titre.