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9789369544448: कृतकृत्य

Synopsis

'कृतकृत्य' एक साधारण लड़के की रोजमर्रा की जिंदगी का आईना है-कानपुर की गलियों से निकलने वाली भावनाएँ, छोटी-छोटी चीजों से जुड़े उसके अनोखे लगाव और रिश्तों की गर्माहट से भरी कहानियाँ। इन 25 कविताओं में उसकी सुबह की चाय की चुस्की, किताबों के प्रति उसका प्रेम, परिवार का अपनापन, और दोस्तों के संग बिताए यादगार पल बखूबी पिरोए गए हैं। हर कविता एक साधारण क्षण को असाधारण रूप देती है, जैसे कि इन पलों में ही जीवन की असली खूबसूरती छुपी हो। यह संग्रह आपको अपने ही अनुभवों की झलक दिखलाएगा।

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À propos de l'auteur

सुयश मालवीय 'मुसाफ़िर' का जन्म और पालन-पोषण कानपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ। लड़कपन में साइकिल उठा इधर उधर घूमने और उत्पात मचाने के उपरांत अपना नाम स्वयं ही मुसाफ़िर दे बैठे जिसे परिपक्वता आने के उपरांत भी बदलना उन्हों ने उचित नहीं समझा। हिंदी माध्यम विद्यार्थी सुयश एक सजीव और मस्ती पसंद व्यक्ति हैं, जो अपनी जड़ों से गहरा लगाव रखते हैं। उन्हें अपने शहर की गलियाँ, वहाँ की संस्कृति, और जीवन के छोटे-बड़े सभी क्षणों से बेहद लगाव है। कानपुर के वीएसएसडी कॉलेज से स्नातक, सुयश ने अपने लेखन में अपनी परंपराओं और स्थानीयता को खूबसूरती से पिरोया है, जो उनके व्यक्तित्व की सादगी और गहराई को दर्शाता है।

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