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उपहारम् - Couverture souple

कलम, बकैत

 
9789370920668: उपहारम्

Synopsis

"उपहारम्" एक छोटी सी भेंट है हनुमान जी को। एक छोटा सा उपहार जो शायद सर्वश्रेष्ठ न हो, शायद त्रुटियों से भरा हो, अनुभवहीन हो लेकिन एक भक्त की सारी भावनाओं को समेटे हुए अवश्य होगा। एक एक करके पिरोए गए मोतियों की माला है "उपहराम" और हर एक मोती वर्णन करता है हनुमन के जीवन के एक वृतांत का। आशा है, आपको यह एक छोटी सी यात्रा मारुति के जन्म से हनुमान के चिरंजीवी होने तक का सफ़र अवश्य कराएगी। इस यात्रा में यदि आपको हनुमन से जुड़ा कोई नया अध्याय मिल गया, जो आपने पहले न सुना हो, तो मेरा यह उपहार सार्थक हो जाएगा। जय हनुमान!!

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À propos de l'auteur

उत्तर प्रदेश का यह नाम, शायद, इसलिए भी पड़ा होगा, क्योंकि यहाँ पर आप किसी बच्चे से भी, कोई प्रश्न करें, तो उसे उत्तर का ज्ञान हो ना हो, आपको एक अतरंगी जवाब अवश्य मिलेगा। यहाँ चौपाल पर बातें नहीं, बकैती होती है। कोरोना ने यहाँ आकर ही आत्महत्या की थी, यहाँ पर इतने विधायक हैं नहीं जितने की विधायकों के भतीजे हैं। ऐसे ही उत्तर प्रदेश से निकला हूँ मैं। मुँह से बकैती का अवसर तो मिलता नहीं अब, तो कलम को जरिया बनाया गया। एक ठीक-ठाक नौकरी है जीवन यापन के लिए, और क्वालिफिकेशन भी इतनी है कि आपको एक छोटी सी यात्रा पर ले जाने को सक्षम हूँ। बाक़ी वर्मा, शर्मा जी का लड़का और पांडे, शुक्ला जी की बिटिया के चक्कर में मत पड़ो आप, मैं आपका दोस्त हूँ और नहीं हूँ तो जल्द बन जाऊँगा।

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