नव आयाम के नव स्पंदन - Couverture souple

'मंजरी', कुसुम क

 
9789371561747: नव आयाम के नव स्पंदन

Synopsis

लघु काव्य संग्रह नव आयाम के नव स्पंदन अनेक भावों का सुंदर मिश्रण है। कहीं तो हंसी की खनक है, कहीं तितलियों जैसे अनेक रंग हैं, कहीं वेदना की छटपटाहट है और कहीं तो जीवन जीने की कला सीखते हुए परम शांति को खोज है।

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À propos de l?auteur

कुसुम कथूरिया दिल्ली में रहने वाली एक सरल व साधारण गृहिणी है जिन्होंने दिल्ली यूनिर्वासटी से 36 साल पहले हिन्दी में एम. ए. किया । इसके पश्चात वह परिवार की जिम्मेदारियों को पूर्ण करने में संलग्न हो गई। इनके दोनो बेटे व बहुएं बड़ी कम्पनियों में कार्यरत हैं। इनकी लेखनी ने बहुत वर्षों बाद लेखन के सागर में कुछ मोती विसर्जित किये हैं जो छोटी-छोटी कविताओं के रूप में सामने आये हैं

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