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Poetry collection 874 (Edition1) - Couverture souple

विकल, विनोद

 
9789375272618: Poetry collection 874 (Edition1)

À propos de l'auteur

श्री विनोद 'विकल' एक संवेदनशील, चिंतनशील और भावनात्मक कवि हैं, जिनकी लेखनी जीवन के गहरे अनुभवों और सूक्ष्म भावनाओं को सजीव रूप में प्रस्तुत करती है। उन्होंने अपने काव्य के माध्यम से प्रेम, विरह, संघर्ष, आशा और मानवीय संवेदनाओं के विविध रंगों को अत्यंत सरल, सहज और मार्मिक शब्दों में पिरोया है। विकल जी की रचनाओं में जीवन का यथार्थ और भावनाओं की सच्चाई स्पष्ट झलकती है, जो पाठकों के मन को सीधे स्पर्श कर उन्हें सोचने और महसूस करने के लिए प्रेरित करती है। उनकी कविताएँ और ग़ज़लें केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि एक अनुभूति हैं, जो हर पाठक को अपने अनुभवों से जोड़ लेती हैं। "भावनाओं की गूँज" उनके हृदय की उन संवेदनाओं का संग्रह है, जो पाठकों के मन में एक गहरी छाप छोड़ने का सामर्थ्य रखती हैं।

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