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Poetry collection 287 (Edition1) - Couverture souple

Sandhya Singh

 
9789375436225: Poetry collection 287 (Edition1)

À propos de l'auteur

"जब भावनाओं के अनंत सागर में उमड़ती लहरें, संवेदनाओं की सरिता बनकर हृदय के धरातल को छूती हैं, तब एक कविता का जन्म होता है। " प्रकृति की पावन गोद में रची-बसी और ग्रामीण परिवेश की सादगी को अपने व्यक्तित्व में समेटे श्रीमती संध्या सिंह साहित्य जगत की एक उभरती हुई प्रखर लेखिका और कवयित्री हैं। उनकी लेखनी की विशेषता शब्दों का सहज प्रवाह और भावों की गहन संवेदनशीलता है। संध्या जी की कविताएं अपनी सरलता के माध्यम से पाठक के हृदय में उतरकर एक आत्मीय संवाद स्थापित करती हैं। उनकी रचनाएं मात्र शब्द नहीं, बल्कि जीवन के अनुभवों और प्रकृति के प्रेम की एक मधुर प्रतिध्वनि हैं।"

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