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Poetry collection 763 (Edition1) - Couverture souple

Rajnish Sharma

 
9789375437659: Poetry collection 763 (Edition1)

À propos de l'auteur

रजनीश शर्मा एक कवि, लेखक और कुशल डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं। ये 20 सालों तक कॉर्पोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। अपनी चर्चित पुस्तक 'कालचक्र' के बाद, वे अब अपनी नई मर्मस्पर्शी कृति 'खुद में वापस' लेकर आए हैं। उनकी लेखनी में जीवन के यथार्थ, गहरी भावनाओं और दार्शनिक दृष्टिकोण का एक अद्भुत तालमेल मिलता है। कहानीकारी के प्रति उनका जुनून पाठकों को आत्म-मंथन करने और स्वयं से जुड़ने के लिए प्रेरित करता है। सरल और प्रभावी भाषा के माध्यम से वे अपनी रचनाओं में मानवीय संवेदनाओं को खूबसूरती से जीवंत करते हैं।

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