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Samarpan Ka Adbhut Rajmarg - Purna Tyag Aur Shakti Ka Jadu (Hindi) - Couverture souple

Sirshree

 
9789387696136: Samarpan Ka Adbhut Rajmarg - Purna Tyag Aur Shakti Ka Jadu (Hindi)

Synopsis

सच्चे समर्पण का स्वाद कैसे पाएँ


क्या, तन-मन-धन सब है तेरा...

या यह सब समर्पित करनेवाला भी है तेरा...

तेरा तुझको अर्पण तो क्या लागे मेरा...

ऐसी पंक्तियाँ पढ़कर किसी में समर्पण का भाव जगता है तो कोई अलग सोचने को मज़बूर होता है या फिर किसी को डर आ जाता है। अगर डर महसूस होता है तो यह पुस्तक आपको समर्पण का असली अर्थ बताकर आपकी सारी शंकाओं को विलीन करने की शक्ति रखती है। इस पुस्तक में आप पढ़नेवाले हैं

* तन-मन-धन के समर्पण का असली अर्थ क्या है?

* मजबूरी और स्वइच्छा से किए गए समर्पण में क्या अंतर है?

* ईश्वर या उच्च चेतना के प्रति पूर्ण समर्पण कैसे करें?

* समर्पण से सहज जीवन कैसे जीएँ?

* अपनी वृत्ति और विकारों के समर्पण से जीवन में प्रेम, आनंद, मौन कैसे लाएँ?

जिस तरह बिल्ली का बच्चा अपनी माँ के प्रति पूर्ण समर्पण दिखाता है, फिर बिल्ली माँ उसे जहाँ चाहे वहाँ उठाकर ले जाए, उसी तरह हमें भी ईश्वर माँ के प्रति पूर्ण समर्पण का भाव रखना चाहिए। यही भाव सच्चे समर्पण का स्वाद है।

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