अधूरा सा मैं - कुछ यादें, कुछ अफ़्सानें, और मैं - Couverture souple

Singh, Manjot

 
9798898653439: अधूरा सा मैं - कुछ यादें, कुछ अफ़्सानें, और मैं

À propos de l'auteur

मनजोत सिंह एक संवेदनशील लेखक हैं, जो अधूरे लम्हों और अनकहे जज़्बातों को शायरी में ढालते हैं। उनकी लेखनी दिल से निकलकर सीधे पाठकों के एहसासों को छूती है। "अधूरा सा मैं" उनकी पहली ग़ज़लों की किताब है - जो मोहब्बत, जुदाई और उन पलों की दास्तान है, जिन्हें अक्सर लोग महसूस तो करते हैं, मगर बयां नहीं कर पाते।

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