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समझो तो जानो Poetry - Couverture souple

Sharma, Hemani

 
9798900818313: समझो तो जानो Poetry

À propos de l'auteur

Hemani Sharma, जम्मू के राजौरी जिले की एक उभरती हुई कवयित्री हैं। लेखन के प्रति उनके जुनून की शुरुआत कम उम्र में ही हो गई थी, जब उन्होंने आठवीं कक्षा में अपनी पहली कविता लिखी थी। उस वक्त किसी को यकीन नहीं हुआ कि इतनी कम उम्र की लड़की इतना सुंदर लिख सकती है। अपनी लेखन यात्रा के बारे में वे खुद कहती हैं कि जब मैं कुछ नहीं करती, तो खामोश रहती हूँ। उनकी यही खामोशी उनकी कलम को और भी मज़बूत बनाती है। उनकी कविताओं में जीवन के अनुभव और विचारों की गहराई झलकती है। उन्हें अक्सर यह सोचकर हैरानी होती है कि कितने लोग कहानियाँ और कविताएँ लिखते हैं और कितने नहीं। उनके लिए, लेखन केवल एक शौक नहीं, बल्कि खुद को अभिव्यक्त करने का एक तरीका है।

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