शुक्र तारा: Sandhya Se Bhor Tak... Meri Prem Kahani. - Couverture souple

भानुमति

 
9798905104701: शुक्र तारा: Sandhya Se Bhor Tak... Meri Prem Kahani.

Synopsis

कुछ प्रेम कहानियाँ कभी पूरी नहीं होतीं... वे बस यादों, ऋतुओं और आसमान में चमकते किसी "शुक्र तारा" की तरह रह जाती हैं।"शुक्र तारा" एक ऐसी भावनात्मक यात्रा है, जहाँ प्रेम सिर्फ़ साथ होने का नाम नहीं, बल्कि इंतज़ार, दूरी, अधूरे एहसासों और ख़ामोश तड़प का भी रूप ले लेता है। इन पन्नों में चाँद है, बदलते मौसम हैं, अधूरी मुलाक़ातें हैं, और वो ख़ामोश तड़प भी- जो कभी पूरी तरह खत्म नहीं होती। अगर इन शब्दों में आपको अपनी कोई झलक मिले, तो शायद यह किताब अब सिर्फ़ मेरी नहीं रही-थोड़ी-सी आपकी भी हो गई है।

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