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स्वर्ण और रेशम के धागे: अनकहे स्त्री-अनुभवों का काव्यलोक - Couverture souple

डॉ. रंजीता बसरा

 
9798905607998: स्वर्ण और रेशम के धागे: अनकहे स्त्री-अनुभवों का काव्यलोक

Synopsis

'स्वर्ण और रेशम के धागे', डॉ. रंजीता बसरा की अंग्रेज़ी काव्य-कृति Threads of Gold and Silk का हिन्दी रूपांतरण है।यह संग्रह स्त्री-अनुभवों, स्मृतियों, प्रेम, संघर्ष, आशा और आत्मबोध की उन विविध परतों को स्वर देता है जो जीवन की यात्रा में अनगिनत रूपों में हमारे सामने आती हैं।

हिन्दी संस्करण में मूल कृति की संवेदना, आत्मीयता और भाव-गहराई को यथासंभव सुरक्षित रखते हुए कविताओं का अनुवाद प्रस्तुत किया गया है।इस संग्रह में गद्य-कविताएँ तथा तुकांत कविताएँ, दोनों सम्मिलित हैं। अनुवाद का प्रयास मूल रचनाओं के प्रति निष्ठावान रहने का रहा है; तथापि भाषा, भाव और सांस्कृतिक संदर्भों की स्वाभाविक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कुछ कविताओं में सूक्ष्म परिवर्तन, विस्तार और परिपक्वता का स्पर्श भी दिया गया है। इसलिए यह संस्करण केवल शब्दों का अनुवाद नहीं, बल्कि मूल कृति की आत्मा को हिन्दी में पुनर्सृजित करने का एक विनम्र प्रयास है।

आशा है कि यह पुस्तक हिन्दी पाठकों के हृदय में वही आत्मीयता, संवेदना और चिंतन जगाएगी जो इसकी अंग्रेज़ी कृति ने अपने पाठकों में जगाया है।

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