Mahamari Corona Aur Virus Janit Rog. Cet article n’est pas disponible.
Langue : hindi
Edité par Prabhat Prakashan Pvt Ltd, 2021
- Livre relié
- Occasion

Vendeur : ThriftBooks-Atlanta, AUSTELL, GA, Etats-UnisThriftBooks-Atlanta
Vendeur avec une évaluation de 5 étoiles
Vendeur AbeBooks depuis 24 mars 2009
Indisponible
Livre relié
Etat: Occasion - Assez bon
EUR 14,16
A propos de cet article
Former library book; May have limited writing in cover pages. Pages are unmarked. ~ ThriftBooks: Read More, Spend Less.
N° de réf. du vendeur G9386870738I4N10
- Titre
- Mahamari Corona Aur Virus Janit Rog
- Auteur
- Chandra, Prem Swarankar
- Éditeur
- Prabhat Prakashan Pvt Ltd
- Année de publication
- 2021
- État de l'article
- Very Good
- Jaquette
- No Jacket
- Reliure
- Hardcover
- Langue
- hindi
- ISBN à 10 chiffres
- 9386870738
- ISBN à 13 chiffres
- 9789386870735
- Poids de l'article
- 1,13 livre
इस पुस्तक में कोविड-19 और कोरोना के बारे में संपूर्ण और शोधपरक प्रमाणित जानकारियाँ प्रस्तुत की गई हैं। रोग के इतिहास से लेकर कोरोना विषाणु और रोग क्या है, रोग के कौन से लक्षण हैं, रोग की पहचान, जाँचें और इलाज क्या है? रोग से स्वयं को और परिवार को कैसे सुरक्षित रखें और इस खतरनाक रोग से बचने के उपाय इस पुस्तक में विस्तार से दिए गए हैं। कोरोना के टीके के बारे में बतलाते हुए विभिन्न वैज्ञानिक अभिमत और खोजों का भी अध्याय है। पाठकों के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण अध्याय है, लोगों द्वारा सामान्यतया पूछे जानेवाले लगभग 60 प्रश्न और उनके उत्तर। यह अध्याय आपकी सभी शंकाओं का समाधान करेगा। पारिभाषिक शब्दावलियों का भी एक अध्याय है। प्रथम भाग में संक्रामक रोगों की सामान्य जानकारियों के साथ, रोग प्रतिरोधक क्षमता या इम्यूनिटी के बारे में टीके क्या होते हैं, विवरण देकर बताया गया है। फिर संक्रामक रोगों से बचाव के उपाय दिए गए हैं। पुस्तक के तीसरे भाग में वायरस जनित कुछ अन्य खतरनाक जानलेवा रोगों-सार्स, इबोला, एड्स, स्वाइन फ्लू, हेपेटाटिस, डेंगू, रोटावायरस इत्यादि के बारे में भी पूर्ण जानकारी दी गई है। इस प्रकार वायरस जनित रोगों पर, विशेषकर कोविड-19 पर यह बहुत ही उपयोगी और प्रामाणिक पुस्तक है। शिक्षा बी.एस-सी., एम.बी.बी. एस., एम.डी. (पैथोलॉजी)
« Synopsis » peut appartenir à une autre édition de cet ouvrage.